
नागौर शिक्षा: न्यायाधीश ने दिव्यांग स्कूल का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं पर की चर्चा
Posted on 5 नवंबर 2026
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हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव (एडीजे) दिनेश कुमार जलुथरिया ने हाल ही में एक आदर्श दिव्यांग विशेष आवासीय स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य स्कूल में बच्चों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक और आवासीय सुविधाओं का जायजा लेना था।
निरीक्षण में सामने आई महत्वपूर्ण बातें
निरीक्षण के दौरान, यह पाया गया कि स्कूल में पंजीकृत 50 बालकों में से मात्र 10 बालक ही उपस्थित थे। स्कूल प्रबंधन द्वारा यह बताया गया कि शेष बालक दीपावली अवकाश के कारण अपने परिजनों के साथ घर गए हुए हैं। न्यायाधीश ने इस पर आगे की जानकारी प्राप्त की।
व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन
न्यायाधीश जलुथरिया ने स्कूल की कक्षाओं, बच्चों के बैठने और रहने की व्यवस्थाओं, परिसर की साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और पेयजल की उपलब्धता का गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने स्कूल में संधारित विभिन्न महत्वपूर्ण रजिस्टरों की भी बारीकी से जांच की। निरीक्षण में परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था को संतोषजनक पाया गया।
बच्चों से सीधा संवाद और निर्देश
न्यायाधीश ने स्कूल में उपस्थित बच्चों से सीधे बातचीत की और उनकी दैनिक गतिविधियों एवं पढ़ाई-लिखाई के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्कूल स्टाफ से बच्चों की शिक्षा, मनोवैज्ञानिक परामर्श की व्यवस्था और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के संबंध में भी पूछताछ की। न्यायाधीश ने बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए, साथ ही पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
कानूनी जागरूकता का प्रसार
न्यायाधीश ने उपस्थित बच्चों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बच्चों को उनके मूल अधिकारों और मूल कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया, ताकि वे समाज में एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपना योगदान दे सकें।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


