
राजस्थान कांग्रेस में छंटनी! दिल्ली रैली की परफॉरमेंस पर आधारित होगी नेताओं की जगह
Posted on 3 नवंबर 2026
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कांग्रेस की दिल्ली रैली के बाद अब पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की धड़कनें तेज हो गई हैं, खासकर उन लोगों की जिनकी परफॉरमेंस टारगेट के हिसाब से कमजोर पाई गई है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश नेतृत्व ने यह तय किया है कि दिल्ली रैली में कार्यकर्ताओं की भागीदारी और उनकी सक्रियता को एक परीक्षा के तौर पर देखा जाएगा।
पर्फॉर्मेंस ही तय करेगी संगठन में जगह
कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव द्वारा दिल्ली रैली के लिए निर्धारित टारगेट का कन्वर्जन ही अब परीक्षा के अंक तय करेगा। प्रदेश वॉर रूम को यह जिम्मेदारी दी गई थी कि वे रैली में पहुंचे लोगों की संख्या की गणना सुनिश्चित करे। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि निर्धारित टारगेट के अनुसार कितने लोग रैली में पहुंचे और जो नहीं पहुंच पाए, उसके क्या कारण थे।
प्रस्तुत किए गए सबूतों, जैसे वीडियो और फोटो, के आधार पर पदाधिकारियों के अंक तय किए जाएंगे। इन्हीं अंकों के आधार पर यह तय होगा कि उन्हें संगठन में कौन सी जिम्मेदारी दी जाएगी और उसका कितना महत्व होगा।
चुनाव बाद बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी
प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को आलाकमान ने संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों की कार्यशैली और सक्रियता के आधार पर आगे की रणनीति तय करने के निर्देश दिए हैं। इसी के अनुरूप, आगामी पंचायत चुनावों के बाद प्रदेश और जिला स्तर के संगठन में बड़े फेरबदल की संभावना है। हालांकि, डोटासरा ने पहले भी कांग्रेस आलाकमान को एक सूची सौंपी थी, जिस पर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रीय सचिवों के इंटरव्यू रद्द
दिल्ली रैली से पहले, लोकसभा में राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सचिव के पदों के लिए इंटरव्यू आयोजित किए थे। इन इंटरव्यू में राजस्थान के 4 से 5 नेताओं ने भी भाग लिया था, जिनसे राहुल गांधी ने विस्तृत चर्चा की थी। हालांकि, योग्य व्यक्ति नहीं मिलने के कारण इन इंटरव्यू को फिलहाल रद्द कर दिया गया है।
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नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


