
नागौर के स्कूलों में स्काउट-गाइड गतिविधियाँ अनिवार्य: समग्र विकास पर शिक्षा विभाग का जोर
Posted on 26 अक्टूबर 2026
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हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, शिक्षा विभाग ने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब जिले के सभी विद्यालयों में स्काउट-गाइड गतिविधियों को अनिवार्य रूप से संचालित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में सेवा भाव, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को प्रबल करना है। यह निर्देश बीकानेर निदेशालय की व्यापक शैक्षिक नीतियों के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य छात्रों को सिर्फ अकादमिक रूप से ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व के हर पहलू से सशक्त बनाना है।
स्काउट-गाइड संगठन का महत्व
शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि स्काउट एवं गाइड संगठन केवल एक अतिरिक्त गतिविधि नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास का एक शक्तिशाली माध्यम है। यह संगठन जाति, धर्म या किसी अन्य भेदभाव से परे होकर सभी विद्यार्थियों के लिए खुला है, जो समावेशी शिक्षा के सिद्धांतों को मजबूत करता है।
- सेवा भाव: विद्यार्थी समाज सेवा के महत्व को समझते हैं और विभिन्न सामुदायिक परियोजनाओं में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
- अनुशासन: संगठन की कठोर प्रणाली छात्रों में आत्म-अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम वर्क की भावना विकसित करती है।
- व्यक्तित्व विकास: चुनौतियों का सामना करना, समस्या-समाधान कौशल विकसित करना और जिम्मेदार नागरिक बनना सिखाया जाता है।
- राष्ट्रीय एकता: विभिन्न पृष्ठभूमियों के छात्रों को एक साथ लाकर राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा मिलता है।
शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सामाजिक योगदान
इन गतिविधियों के तहत विद्यार्थियों को न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाया जाता है, बल्कि उन्हें सामाजिक और नागरिक कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक किया जाता है। नियमित रूप से आयोजित होने वाले 'ज्वाला कार्यक्रम' और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ जैसे शरद पूर्णिमा पर बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य, छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने और रचनात्मकता को निखारने का अवसर प्रदान करते हैं।
इस वर्ष होने वाले पंचायत चुनावों में भी स्काउट-गाइड की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक मतदान केंद्र पर चार-चार स्काउट-गाइड तैनात किए जाएंगे। इनका मुख्य कार्य दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं को मतदान करने में सहायता प्रदान करना होगा। यह उन्हें वास्तविक जीवन में सेवा और नागरिक सहभागिता का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करेगा, जिससे वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को बेहतर ढंग से समझेंगे। यह कदम न केवल छात्रों को सामाजिक सेवा के लिए प्रेरित करेगा बल्कि चुनावी प्रक्रिया में भी सुगमता लाएगा।
सभी स्कूलों के लिए निर्देश
शिक्षा विभाग ने नागौर जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि वे इन गतिविधियों को गंभीरता से लें और इन्हें अपने वार्षिक शैक्षणिक कैलेंडर का अभिन्न अंग बनाएं। स्कूलों को आवश्यक संसाधन और प्रशिक्षण प्रदान करने में भी सहयोग दिया जाएगा, ताकि स्काउट-गाइड कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। इस निर्णय से नागौर जिले के हजारों छात्रों को लाभ होगा, जो भविष्य में जिम्मेदार, अनुशासित और सेवाभावी नागरिक बनकर देश और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। हमारी टीम का मानना है कि ऐसे कदम ही युवाओं में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं और उन्हें एक उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर करते हैं।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


