
नागौर: वेतन अटका, प्रदर्शन, फिर अधीक्षक ने संभाला कार्यभार
Posted on 6 नवंबर 2026
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नागौर. एसआरजी अस्पताल में अधीक्षक पद को लेकर चल रही खींचतान के बीच डॉ. अशोक शर्मा ने गुरुवार को कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने यह कार्यभार राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी (राजमेस) के उच्चाधिकारियों के निर्देश और राज्य सरकार के वित्त विभाग के आदेशों के तहत ग्रहण किया है। इस पूरी प्रक्रिया में प्रिंसिपल द्वारा डॉ. शर्मा के पत्र को इस्तीफा समझ लेने से लगभग 250 कर्मचारियों और डॉक्टरों का वेतन अटक गया था, जिसके बाद बुधवार को कर्मचारियों ने प्रदर्शन भी किया था।
मामले की पृष्ठभूमि
पिछले दिनों अधीक्षक डॉ. शर्मा ने प्रिंसिपल डॉ. संजय पोरवाल को अस्पताल में चल रही कुछ अव्यवस्थाओं और कामकाज में आ रही दिक्कतों के संबंध में एक पत्र लिखा था। सूत्रों के अनुसार, प्रिंसिपल डॉ. पोरवाल ने इस पत्र को डॉ. शर्मा का त्याग-पत्र मान लिया और आनन-फानन में डॉ. माधुरी मीणा को अधीक्षक के पद पर कार्यभार सौंप दिया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के कारण अस्पताल के करीब 250 कर्मचारियों और डॉक्टरों का वेतन भुगतान रुक गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, बुधवार को कर्मचारियों ने इस अव्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
वेतन भुगतान के लिए तुरंत कार्रवाई
बुधवार को राजमेस के उच्चाधिकारियों से बात होने के बाद, डॉ. अशोक शर्मा ने गुरुवार को पुनः अधीक्षक का कार्यभार संभाल लिया। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने प्रिंसिपल को केवल कार्यप्रणाली में सुधार हेतु पत्र लिखा था, न कि इस्तीफा देने के लिए। उन्होंने बताया कि ज्वाइन करते ही उन्होंने कर्मचारियों के वेतन बिलों पर हस्ताक्षर कर कोष कार्यालय भेज दिए हैं, जिससे दीपावली से पहले उनका वेतन जारी हो सके।
आधिकारिक आदेश और वित्तीय अधिकार
डॉ. अशोक शर्मा द्वारा 5 नवंबर को जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, उन्हें वित्त विभाग और राजमेस के आदेशों के तहत राजस्थान सेवा नियमों के अनुसार कार्यालयाध्यक्ष घोषित किया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अधीक्षक को वित्तीय नियमों के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। 4 नवंबर की शाम राजमेस के उच्चाधिकारियों के साथ हुई मौखिक बातचीत में कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) की वित्तीय शक्तियों के उपयोग पर चर्चा हुई थी। इसके बाद डॉ. शर्मा ने 5 नवंबर को दोपहर से पहले अधीक्षक का पदभार ग्रहण कर लिया।
प्रिंसिपल का पक्ष
इस मामले पर प्रिंसिपल डॉ. संजय पोरवाल का कहना है कि उन्हें डॉ. अशोक शर्मा का पत्र मिला था, जिससे उन्हें उनके स्वयं के अधीक्षक पद पर कार्यभार ग्रहण करने की जानकारी मिली। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. शर्मा द्वारा पूर्व में दिए गए इस्तीफे के प्रकरण को राजमेस को भेज दिया गया था और वहां से कोई लिखित निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है।
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार...
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


