
राजस्थान के सभी स्कूलों में 28 अक्टूबर को ई-वेस्ट प्रबंधन अभियान: शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश
Posted on 25 अक्टूबर 2026
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नागौर, राजस्थान। प्रदेशभर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में आगामी 28 अक्टूबर को 'विशेष अभियान-6' के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस दिन स्कूलों में ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरे) के उचित प्रबंधन और इसके सुरक्षित निस्तारण को लेकर व्यापक जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने इस संबंध में सभी शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि यह अभियान प्रभावी ढंग से क्रियान्वित हो सके। हमारा लक्ष्य है कि विद्यार्थियों और पूरे समुदाय में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना जागृत हो।
ई-वेस्ट प्रबंधन: आज की अहम ज़रूरत
आज के डिजिटल युग में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग तेजी से बढ़ा है, और इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कचरे की समस्या भी गंभीर रूप ले चुकी है। पुराने मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, बैटरियां और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब अनुपयोगी हो जाते हैं, तो उनके गलत निस्तारण से पर्यावरण को भारी क्षति पहुंचती है। मिट्टी और जल प्रदूषण जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जो मानव स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरनाक हैं। इन्हीं चुनौतियों के मद्देनजर, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों पर यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
28 अक्टूबर को आयोजित होने वाली प्रमुख गतिविधियां
- प्रार्थना सभा की विशेष थीम: 28 अक्टूबर को सभी स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा की थीम 'ई-वेस्ट मैनेजमेंट' पर आधारित होगी। इसमें विद्यार्थियों को ई-वेस्ट के महत्व और उससे जुड़ी चुनौतियों के बारे में बताया जाएगा।
- जागरूकता सत्र और क्विज: प्रार्थना सभा के उपरांत, छात्रों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे जैसे- पुराने मोबाइल, कंप्यूटर, बैटरी आदि के पर्यावरणीय नुकसान, उनके सुरक्षित निस्तारण के तरीकों और पर्यावरण संरक्षण में उनकी सक्रिय भूमिका के बारे में विस्तार से समझाया जाएगा। इस विषय पर प्रश्नोत्तरी (क्विज) और अन्य रचनात्मक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी ताकि जानकारी को रोचक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जा सके।
- अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामान का संग्रहण: इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा स्कूलों में पड़े अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को इकट्ठा करना भी है। इन एकत्रित ई-वेस्ट को बाद में अधिकृत रिसाइकलर्स या रिफर्बिशर्स को सौंपा जाएगा। यह कदम ई-वेस्ट के गलत निस्तारण से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को रोकने और कचरा प्रबंधन के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को बढ़ाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।
शिक्षक संघ और अभिभावकों से अपील
शिक्षक संघ 'रेसटा' के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा है कि ई-वेस्ट प्रबंधन वर्तमान समय की एक बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल जानकारी देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों को ई-वेस्ट के सही संग्रहण और पुनर्चक्रण की व्यावहारिक जानकारी देना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारी टीम भी सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील करती है कि वे इस महत्वपूर्ण अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और इसे सफल बनाएं। आपके सहयोग से ही हम एक स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य की नींव रख सकते हैं।
पोर्टल पर अपलोड होगी गतिविधियों की रिपोर्ट
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभियान के तहत आयोजित सभी गतिविधियों की रिपोर्ट 28 अक्टूबर को ही 'इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ' पोर्टल पर निर्धारित प्रारूप में जमा करनी होगी। इसके साथ ही, गतिविधियों के प्रमाण के रूप में जियो-टैग लोकेशन वाली तस्वीरें भी पोर्टल पर अपलोड की जाएंगी। यह सुनिश्चित करेगा कि अभियान की प्रगति और प्रभावशीलता का सही ढंग से मूल्यांकन किया जा सके। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का यह निर्देश बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना जागृत करने के उद्देश्य से जारी किया गया है।
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिले के सभी स्कूलों को इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है, जिससे यह अभियान पूरे प्रदेश में एकरूपता के साथ सफल हो सके।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


