
नागौर: स्कूलों में हुनर सिखा रहे, चतुर्भुजपुरा में लगा अनोखा कार्य शिविर
Posted on 1 नवंबर 2026
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नागौर. शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान और हुनर सिखाने के उद्देश्य से जिले के चतुर्भुजपुरा राजकीय विद्यालय में पांच दिवसीय समाजोपयोगी उत्पादक कार्य शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अनूठे शिविर में विद्यार्थियों ने किताबी ज्ञान से परे जाकर विभिन्न प्रकार के उपयोगी कौशल सीखे, जिससे उनकी रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला।
व्यावहारिक ज्ञान पर जोर
शिविर के पहले दिन, छात्र-छात्राओं को विभिन्न दलों में विभाजित किया गया। दल प्रभारियों के कुशल मार्गदर्शन में, विद्यार्थियों ने न केवल स्कूल परिसर की साफ-सफाई और रंगाई-पुताई में योगदान दिया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के महत्व को भी समझा।
अचार से हस्तशिल्प तक
दूसरे दिन, महात्मा गांधी विद्यालय डांगरथल से पधारीं मोनिका सोनी ने प्रशिक्षण सत्र का नेतृत्व किया। उन्होंने विद्यार्थियों को घर पर आसानी से स्वादिष्ट अचार बनाना सिखाया, जो एक महत्वपूर्ण जीवनोपयोगी कौशल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अनुपयोगी वस्तुओं से सुंदर और आकर्षक हस्तशिल्प बनाने की कला भी सिखाई, जिससे विद्यार्थियों ने बेकार समझी जाने वाली चीजों को उपयोगी कलाकृतियों में बदलना सीखा। पौधों के लिए आकर्षक गमले बनाना भी सिखाया गया।
पुनर्चक्रण और रचनात्मकता
तीसरे दिन की गतिविधि अनुपयोगी सामग्री के रचनात्मक उपयोग पर केंद्रित रही। विद्यार्थियों ने सीखा कि कैसे फेंकी जाने वाली सामग्री, जैसे प्लास्टिक की बोतलें, पुराने अखबार, और अन्य बेकार सामान, का उपयोग करके उपयोगी घरेलू सामान और सजावटी वस्तुएं बनाई जा सकती हैं। इसने उनमें पुनर्चक्रण के महत्व के प्रति जागरूकता पैदा की।
कला और रोजगार की संभावनाएं
चौथे दिन, पलाई गांव के निवासी वीरेंद्र शर्मा ने कागज की लुगदी से कलाकृतियां बनाने की अनूठी कला का प्रदर्शन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को पुराने लोहे, कपड़ों और अन्य बेकार सामग्री से आकर्षक वस्तुएं तैयार करने का तरीका भी सिखाया। श्री शर्मा ने इस कला के अंतरराष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डाला और इससे जुड़ी रोजगार की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी दी, जिससे विद्यार्थियों को भविष्य के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिताएं और समापन
शिविर के अंतिम दिन, विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। स्कूल परिसर की सफाई और सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर दिया गया। प्रधानाचार्य कृतिका शर्मा ने शिविर के समापन की घोषणा की और सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया। शिविर प्रभारी गोविंद शर्मा ने दल प्रभारियों, भारती मीणा, भरतलाल मीणा और ममता महावर के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह शिविर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है, जिसने उन्हें किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक और रचनात्मक कौशल से भी लैस किया है।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


