
राजस्थान: 1 से 15 नवंबर तक मनेगा जनजातीय गौरव दिवस, स्कूलों में होंगी प्रतियोगिताएं
Posted on 27 अक्टूबर 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, आदिवासी समुदाय के महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में राजस्थान में 1 नवंबर से 15 नवंबर, 2026 तक 'जनजातीय गौरव दिवस' का आयोजन किया जाएगा। शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने इस संबंध में प्रदेश के सभी राजकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों तथा छात्रावासों के लिए विस्तृत निर्देश जारी कर दिए हैं।
विद्यार्थियों को मिलेगी नई सीख
इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को हमारे देश के आदिवासी समुदायों के गौरवशाली इतिहास, उनकी संस्कृति, कला, परंपराओं, पारंपरिक ज्ञान और पर्यावरण संरक्षण में उनके अमूल्य योगदान से अवगत कराना है। 15 नवंबर, 2026 को सभी शिक्षण संस्थानों और छात्रावासों में भगवान बिरसा मुंडा सहित अन्य महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी।
प्रतियोगिताओं से निखरेगी प्रतिभा
जनजातीय गौरव दिवस के दौरान विद्यालयों में विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें प्रमुख हैं:
- पेंटिंग
- कहानी लेखन
- कविता पाठ
- निबंध लेखन
- फोटोग्राफी
- पारंपरिक कला एवं शिल्प प्रदर्शन
- लोकसंगीत एवं जनजातीय नृत्य
- नाटक एवं नुक्कड़ नाटक
- प्रश्नोत्तरी (क्विज)
इन प्रतियोगिताओं के लिए 'मेरा कबीला, मेरी विरासत', 'भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय योगदान' और 'अपनी जनजाति को जाने, अपनी विरासत को जाने' जैसे सारगर्भित विषय निर्धारित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों को जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों, उनके इतिहास, भाषाओं और पारंपरिक विरासत पर 250 से 300 शब्दों के संक्षिप्त लेख लिखने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
कार्यशालाओं और सामुदायिक गतिविधियों पर भी जोर
कार्यक्रम के तहत जनजातीय संस्कृति, नृत्य, संगीत और शिल्प पर आधारित कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। उत्कृष्ट जनजातीय प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, विद्यार्थियों को स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और अन्य सामुदायिक गतिविधियों से जोड़कर उनमें सामाजिक चेतना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
रिपोर्टिंग की व्यवस्था
शिक्षा निदेशालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि आयोजित की गई सभी गतिविधियों के फोटोग्राफ, वीडियो और संक्षिप्त रिपोर्ट निर्धारित जनजातीय कार्य मंत्रालय के पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का सर्वोच्च प्राथमिकता से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


