
राजकीय कॉलेजों में शिक्षकों की कमी: अंग्रेजी क्लासों के लिए छात्रों ने उठाई आवाज़
Posted on 24 अक्टूबर 2026
Listen News
Audio Summary
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी और अनियमित कक्षाओं का मुद्दा लगातार गहराता जा रहा है, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटक रहा है। हाल ही में, झालावाड़ जिले के असनावर स्थित एक महाविद्यालय में अंग्रेजी साहित्य की नियमित कक्षाएं न लगने से आक्रोशित छात्रों और छात्र संगठनों ने महाविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों को मजबूती से रखा है।
छात्रों का कहना है कि महाविद्यालय में अंग्रेजी साहित्य के लिए योग्य शिक्षक उपलब्ध होने के बावजूद नियमित रूप से कक्षाएं नहीं लग रही हैं। इस स्थिति के कारण छात्रों को अपने पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने और आगामी परीक्षाओं की तैयारी करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। यह न केवल उनकी अकादमिक प्रगति को बाधित कर रहा है, बल्कि उनके मानसिक तनाव को भी बढ़ा रहा है। छात्र-छात्राओं ने साफ शब्दों में कहा है कि कॉलेज प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि वह छात्रों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करे।
छात्रों की प्रमुख माँगें:
- नियमित कक्षाओं का संचालन: अंग्रेजी साहित्य की सभी कक्षाओं को तत्काल प्रभाव से नियमित रूप से शुरू किया जाए।
- योग्य शिक्षकों की व्यवस्था: यदि वर्तमान व्यवस्था अपर्याप्त है, तो महाविद्यालय प्रशासन को दूसरे योग्य शिक्षकों की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
- पूर्व अध्यापक की पुनः नियुक्ति: छात्रों ने पूर्व में अध्यापन कार्य कर चुके शिक्षक को वापस नियुक्त करने की भी मांग की है, ताकि अनुभव का लाभ मिल सके और शिक्षण कार्य में निरंतरता बनी रहे।
हमारी टीम का मानना है कि यह केवल एक महाविद्यालय की समस्या नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के कई राजकीय उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के रिक्त पदों और शिक्षण व्यवस्था की लचरता को दर्शाता है। उच्च शिक्षा विभाग, जयपुर और बीकानेर निदेशालय को इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाने चाहिए। छात्रों को उनके मौलिक शिक्षा के अधिकार से वंचित करना स्वीकार्य नहीं है।
महाविद्यालय प्रशासन को छात्रों की इन जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान प्रस्तुत करना चाहिए। शिक्षा वह आधारशिला है जिस पर हमारे युवा पीढ़ी का भविष्य टिका है, और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही हमारे प्रदेश के विकास को धीमा कर सकती है। हम उम्मीद करते हैं कि संबंधित अधिकारी इस मामले में त्वरित कार्रवाई करेंगे और छात्रों को एक बेहतर शैक्षिक वातावरण प्रदान करेंगे। DailyDhandora इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और छात्रों की आवाज को बुलंद करता रहेगा।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


