
आयुर्वेद विश्वविद्यालय में सर्जरी पर विशेष व्याख्यान: आधुनिक चिकित्सा संग संगम
Posted on 30 अक्टूबर 2026
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नागौर. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में चल रहे छह दिवसीय सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) सेमीनार के पांचवें दिन आधुनिक शल्य चिकित्सा में आयुर्वेद के महत्व को रेखांकित किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने आपातकालीन औषधियों के उपयोग और सर्जिकल तकनीकों पर गहन चर्चा की।
आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा का समन्वय
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में से एक था, शल्य तंत्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विष्णु दत्त शर्मा द्वारा 'आयुर्वेद एवं आधुनिक आपातकालीन औषधियां: शल्य चिकित्सा में उपयोग' विषय पर दिया गया विशेष व्याख्यान। डॉ. शर्मा ने विभिन्न आपातकालीन एवं सर्जिकल परिस्थितियों में आयुर्वेदिक और आधुनिक औषधियों के महत्व, उनकी क्रियाविधि, उचित चयन तथा चिकित्सकीय उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार आपातकालीन स्थितियों में त्वरित और प्रभावी उपचार के लिए इन औषधियों का विवेकपूर्ण उपयोग किया जा सकता है।
सर्जिकल तकनीकों पर विशेष सत्र
कुलगुरु प्रो. (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल ने बताया कि सेमीनार के अंतर्गत सर्जिकल लाइव डेमोंस्ट्रेशन एवं प्रैक्टिकल सेशन भी आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज, जोधपुर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सेवा राम ने कोलोनोस्कोपी एवं सिग्मोइडोस्कोपी के नैदानिक एवं चिकित्सकीय महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। महाराष्ट्र के डीएमआईएचईआर, वर्धा की शल्य तंत्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. शीतल असुटकर ने अर्बुद (नियोप्लाज्म) की शल्य प्रक्रियाओं और उनके प्रबंधन जैसे गंभीर विषयों पर व्याख्यान दिए।
ज्ञानवर्धन का महत्वपूर्ण मंच
शल्य तंत्र विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजन आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा के ज्ञान को आधुनिक चिकित्सा की नवीनतम तकनीकों और उपचार पद्धतियों से जोड़ने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सीएमई में विभिन्न संस्थानों से आए विशेषज्ञों, विभाग के संकाय सदस्यों और पीजी स्कॉलर्स की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। यह आयोजन चिकित्सकों के ज्ञानवर्धन और नवीन चिकित्सा पद्धतियों के आदान-प्रदान के लिए एक उत्कृष्ट मंच साबित हुआ।
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नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


