
राजस्थान के सरकारी स्कूलों का बदलेगा रूप: दीपावली से पहले सौंदर्यीकरण के लिए शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश
Posted on 23 अक्टूबर 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों में एक नई पहल शुरू की है। बीकानेर निदेशालय द्वारा जारी आदेशों के तहत 'विद्यालय सौंदर्यीकरण एवं दीपोत्सव 2026' अभियान का संचालन किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य दीपावली के पावन पर्व पर सरकारी स्कूलों के वातावरण को स्वच्छ, सुंदर और आकर्षक बनाना है।
अभियान की मुख्य समय-सीमा और निर्देश
शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, स्कूलों को 3 नवंबर 2026 तक साफ-सफाई और मरम्मत के कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- साफ-सफाई (22 अक्टूबर से 3 नवंबर): विद्यालय परिसर, खेल मैदान, कक्षा-कक्ष, शौचालय और पेयजल स्रोतों की विशेष सफाई की जाएगी।
- दीपोत्सव सजावट: 6 नवंबर से दीपावली तक स्कूलों में लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
- जनसहयोग: इस कार्य में शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों, स्थानीय ग्रामीणों, स्काउट-गाइड, एनएसएस और एनसीसी का सहयोग लिया जाएगा।
- मरम्मत और रंग-रोगन: आवश्यक मरम्मत कार्यों के लिए विद्यालयों को समसा (समग्र शिक्षा अभियान) की कंपोजिट ग्रांट का नियमानुसार उपयोग करने की छूट दी गई है।
अध्यापकों और अभिभावकों के लिए संदेश
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान विद्यालयों के प्रति बच्चों में अपनत्व की भावना विकसित करने के लिए है। शिक्षक संघ रेसटा ने भी इस कदम का स्वागत किया है। प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा है कि स्वच्छ वातावरण से विद्यार्थियों में अनुशासन और सकारात्मक सोच बढ़ती है। हालांकि, उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि इन कार्यों के दौरान शिक्षकों पर अतिरिक्त बोझ न डाला जाए और बजट की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित हो।
वित्तीय नियमों की पालना अनिवार्य
विभाग ने सभी संस्था प्रधानों को यह निर्देश दिया है कि इस अभियान के तहत होने वाला कोई भी कार्य राजस्थान लोक उपापन पारदर्शिता अधिनियम-2012 और सामान्य वित्तीय एवं लेखा नियमों (GF&AR) के विरुद्ध न हो। कार्य की निगरानी के लिए संबंधित जिलों के एडीपीसी (ADPC) और बीआरसीएफ (BRCF) से समन्वय अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
यह अभियान केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों को शिक्षा का एक गर्वपूर्ण केंद्र बनाने की एक कवायद है, ताकि ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को भी शहरी स्कूलों के समान व्यवस्थित वातावरण मिल सके।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


