
Rajasthan Education: समरसता और समानता का संदेश स्कूलों में गूंजा
Posted on 4 नवंबर 2026
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फागलिया में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ शाखा फागलिया ने समाज सुधारक संत रविदास की जयंती मनाई। इस अवसर पर, वक्ताओं ने संत रविदास के जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला, जो आज भी सामाजिक समरसता, एकता और समानता का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
संत रविदास: एक विचार-क्रांति के सूत्रधार
वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामचंद विश्नोई ने मंच पर अतिथियों का परिचय कराते हुए संत रविदास के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि 15वीं शताब्दी के महान समाज सुधारक संत रविदास ने विचार-क्रांति के माध्यम से समाज में गहरी छाप छोड़ी। उनकी वाणी और जीवन-दर्शन आज भी पूरे विश्व को सामाजिक समरसता और एकता का संदेश देते हैं।
जातिगत विद्वेष और छुआछूत के विरुद्ध आवाज
कार्यक्रम के दौरान, यह बताया गया कि भारतीय भक्ति आंदोलन के अग्रणी संत रविदास ने समाज से जातिगत विद्वेष, छुआछूत और अंधविश्वास को समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने कर्म और मानवता के आधार पर व्यक्ति के मूल्यांकन का संदेश दिया, न कि जन्म के आधार पर। इस संदेश ने समतामूलक समाज की नींव रखी।
विद्यालय में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यापक रिड़मलराम, अशोक कुमार, गोकलाराम, रामनिवास, हरजीराम, रायचंदराम और सुन्दर सहित कई अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शाखा फागलिया के मंत्री ने किया।
यह कार्यक्रम स्कूलों में विद्यार्थियों को महान व्यक्तित्वों के जीवन से प्रेरणा लेने और समाज में सकारात्मक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


