
राजस्थान में पंचायत चुनाव का असर: स्कूलों में छुट्टियों और प्रशासनिक फेरबदल पर शिक्षा विभाग की नजर
Posted on 6 नवंबर 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राज्य में जारी पंचायती राज चुनावों के तीसरे चरण की गहमागहमी के बीच टोंक जिले की विभिन्न पंचायत समितियों में सरपंच पदों के परिणाम घोषित होने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। हालांकि यह चुनावी प्रक्रिया मुख्य रूप से स्थानीय निकायों से जुड़ी है, लेकिन इसका सीधा असर सरकारी तंत्र और शिक्षा विभाग के कामकाज पर भी देखने को मिल रहा है।
शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए अपडेट
पंचायत चुनावों की ड्यूटी में व्यस्त रहने वाले शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए बीकानेर निदेशालय की ओर से विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब संबंधित कार्मिकों को अपनी जॉइनिंग और कार्यों की रिपोर्टिंग को लेकर स्पष्टता का इंतजार है।
शिक्षा विभाग पर संभावित प्रभाव
- स्कूलों की स्थिति: जिन विद्यालयों का उपयोग मतदान केंद्र या मतगणना स्थल के रूप में किया गया है, वहां अगले 24 से 48 घंटों में साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
- स्थानांतरण और पदस्थापन: चुनावों के चलते रुकी हुई तबादला सूचियों पर अब जयपुर सचिवालय से जल्द ही फैसला आने की उम्मीद है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, आचार संहिता के प्रभाव वाले क्षेत्रों को छोड़कर अन्य जिलों में पेंडिंग फाइलों को तेजी से निपटाया जाएगा।
- शिक्षण सत्र: अर्धवार्षिक परीक्षाओं की तैयारी में जुटे विद्यार्थियों के लिए विभाग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव ड्यूटी के कारण बाधित हुए पठन-पाठन को कवर करने के लिए स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जा सकती हैं।
शिक्षा विभाग के निर्देश
सभी संस्था प्रधानों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने कार्यस्थल पर उपस्थिति सुनिश्चित करें। यदि किसी भी स्कूल में चुनाव ड्यूटी के कारण स्टाफ की कमी है, तो उसकी सूचना तुरंत जिला शिक्षा अधिकारी को दी जाए ताकि शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। आरपीएससी अजमेर द्वारा आयोजित आगामी परीक्षाओं के लिए भी विभाग ने अलर्ट जारी किया है, ताकि चुनाव के बाद कोई भी प्रशासनिक कार्य पेंडिंग न रहे। हमारी टीम इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और जैसे ही जयपुर से कोई नया आदेश प्राप्त होगा, आपको तुरंत सूचित किया जाएगा।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


