
नीट-यूजी 2027 परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला: अब पेन-पेपर मोड में ही होगा एग्जाम, नागौर के विद्यार्थियों को राहत
Posted on 7 नवंबर 2026
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नागौर। चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे विद्यार्थियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा, नीट-यूजी (NEET-UG) 2027 को लेकर केंद्र सरकार और संबंधित विभागों के बीच एक बड़ी सहमति बनी है। ताजा अपडेट के अनुसार, नीट-यूजी 2027 की परीक्षा भी अपने पारंपरिक 'पेन-पेपर' मोड (ऑफलाइन) में ही आयोजित होने की प्रबल संभावना है।
ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के हितों की रक्षा
पूर्व में चर्चा थी कि नीट-यूजी को पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में बदला जा सकता है। हालांकि, राजस्थान सहित कई राज्यों ने इस प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई थी। राज्य सरकारों और शिक्षा विशेषज्ञों का तर्क है कि भारत के ग्रामीण क्षेत्रों, विशेषकर नागौर जैसे जिलों के दूरदराज गांवों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन परीक्षा एक बड़ी चुनौती बन सकती है।
इन प्रमुख कारणों से पेन-पेपर मोड को दी गई प्राथमिकता:
- तकनीकी संसाधनों का अभाव: ग्रामीण अंचलों में आज भी हाई-स्पीड इंटरनेट और कंप्यूटर लैब की वैसी उपलब्धता नहीं है जैसी महानगरों में है।
- डिजिटल डिवाइड: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे कंप्यूटर चलाने में उतने सहज नहीं होते, जिससे उनकी मेधा प्रभावित होने का डर रहता है।
- परीक्षा की पारदर्शिता: ओएमआर शीट (OMR Sheet) आधारित परीक्षा को लेकर छात्रों और अभिभावकों का भरोसा आज भी अधिक है।
नागौर के कोचिंग हब और विद्यार्थियों में उत्साह
नागौर जिले के कुचामन, डीडवाना और लाडनूं जैसे शिक्षा केंद्रों पर नीट की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों के लिए यह खबर किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। स्थानीय शिक्षकों का मानना है कि ऑफलाइन मोड में छात्र तनावमुक्त होकर परीक्षा दे पाते हैं। कंप्यूटर स्क्रीन पर लंबे समय तक सवाल पढ़ना और बार-बार माउस से क्लिक करना कई बार छात्रों की एकाग्रता भंग करता है।
क्या होगा आगे का रोडमैप?
शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के बीच हुई हालिया बैठक में यह स्पष्ट किया गया है कि छात्रों के व्यापक हित को सर्वोपरि रखा जाएगा। हालांकि, भविष्य में हाइब्रिड मॉडल (जहां कुछ हिस्सों में ऑनलाइन और कुछ में ऑफलाइन विकल्प हो) पर विचार किया जा सकता है, लेकिन 2027 की परीक्षा के लिए पुराने पैटर्न को ही बरकरार रखने पर लगभग मुहर लग चुकी है।
राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा निदेशालय (बीकानेर) और जयपुर सचिवालय में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई है, ताकि राज्य के विद्यार्थियों को समय रहते इसकी सूचना मिल सके और वे उसी के अनुसार अपनी रणनीति तैयार कर सकें। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे ओएमआर शीट भरने का अभ्यास जारी रखें और अपनी तैयारी को पुख्ता करें।
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, इस निर्णय के बाद जिले के विद्यार्थियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है, क्योंकि इससे उन्हें तकनीक के डर से परे केवल अपनी मेहनत पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


