
नागौर: 110 व्यावसायिक प्रशिक्षकों को 6 महीने से मानदेय नहीं, आर्थिक तंगी
Posted on 7 नवंबर 2026
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हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, जिले के सरकारी स्कूलों में कार्यरत लगभग 110 व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। शिक्षा सत्र 2024-25 के लिए नियुक्त इन प्रशिक्षकों को पिछले 6 महीनों से उनका मानदेय प्राप्त नहीं हुआ है। इतना ही नहीं, वर्ष 2022 में नियुक्त कुछ प्रशिक्षकों का वेतन भी पिछले 4 महीनों से लंबित है।
आर्थिक संकट से जूझ रहे प्रशिक्षक
व्यावसायिक प्रशिक्षक नियमित रूप से स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को विभिन्न ट्रेडों में कौशल आधारित शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। बावजूद इसके, उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण गंभीर आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रशिक्षकों ने बताया कि संबंधित मद में बजट की उपलब्धता है और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाता कंपनी के भुगतान की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
भुगतान प्रक्रिया में अड़चन
प्रशिक्षकों के अनुसार, यह देरी मुख्य रूप से एडीपीसी कार्यालय द्वारा वेतन बिलों को समय पर तैयार न करने या आगे न भेजने के कारण हो रही है। वरिष्ठ कर्मचारी नेता गोपाल सिंह राव ने इस मुद्दे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिले के स्कूलों में केंद्र प्रवर्तित व्यावसायिक शिक्षा योजना के तहत कुल 110 प्रशिक्षक कार्यरत हैं, जो आईआईएसडी कंपनी के माध्यम से नियुक्त हैं। वर्तमान शिक्षा सत्र, जो अप्रैल में शुरू हुआ था, उसमें इन्हें अभी तक एक बार भी वेतन नहीं मिला है।
जिला शिक्षा अधिकारी का आश्वासन
इस मामले पर, जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र नानीवाल ने बताया कि भुगतान प्रक्रिया में कुछ तकनीकी बदलाव के कारण यह विलंब हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वेतन बिल तैयार हो चुके हैं और तकनीकी खामियों को दूर कर लिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि अगले एक-दो दिनों के भीतर सभी लंबित मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
- लंबित मानदेय: 110 व्यावसायिक प्रशिक्षकों को 6 माह से वेतन नहीं।
- लंबित अवधि: 2024-25 सत्र के प्रशिक्षकों को 6 माह से, 2022 के कुछ प्रशिक्षकों को 4 माह से भुगतान अटका।
- कारण: एडीपीसी कार्यालय द्वारा बिल समय पर तैयार या अग्रेषित न करना, तकनीकी खामियां।
- छात्रों पर प्रभाव: कक्षा 9 से 12 के छात्रों को कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करने वाले प्रशिक्षक प्रभावित।
- आश्वासन: जिला शिक्षा अधिकारी ने 1-2 दिन में भुगतान का आश्वासन दिया।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


