
नागौर: बिना लाइसेंस पटाखा दुकानें सील, कलेक्टर बोले- होगी कार्रवाई
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शहर के बड़ली क्षेत्र में हुए पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट की घटना के बाद प्रशासन ने पटाखों की बिक्री को लेकर सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। गुरुवार को शहर में पटाखों की सभी अस्थाई दुकानें बंद पाई गईं। इससे पहले, बिना लाइसेंस के ही सैकड़ों दुकानों पर पटाखों की बिक्री जारी थी।
दीपावली के मद्देनजर शहर में पटाखों की बिक्री के लिए प्रतिवर्ष अस्थाई लाइसेंस जारी किए जाते हैं। इस वर्ष भी जिला कलेक्टर कार्यालय में लगभग 150 आवेदन प्राप्त हुए थे, लेकिन लाइसेंस आवंटन की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी थी। बावजूद इसके, शहर के बाजारों में पटाखों की दुकानें सज चुकी थीं और बिना किसी अनुमति के ही बिक्री का कार्य शुरू हो गया था।
प्रशासनिक सख्ती का असर
बड़ली क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री में हुए दर्दनाक हादसे और बिना अनुमति संचालित हो रही दुकानों के संबंध में खबरें प्रकाशित होने के बाद, गुरुवार को शहर की सभी अस्थाई पटाखा दुकानें स्वतः ही बंद हो गईं। इस हादसे के पश्चात, प्रशासन ने पटाखों के व्यवसाय में सुरक्षा नियमों और लाइसेंस प्रक्रिया के अनुपालन को लेकर कड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं।
कलेक्टर ने दी चेतावनी
जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने इस मामले पर स्पष्ट करते हुए कहा कि बिना लाइसेंस के पटाखों की दुकान लगाना पूर्णतः गलत है। उन्होंने बताया कि अस्थाई लाइसेंस के लिए प्राप्त आवेदनों की नियमानुसार जांच की जा रही है और शीघ्र ही पात्र आवेदकों को लाइसेंस जारी कर दिए जाएंगे। कलेक्टर ने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई भी व्यक्ति बिना वैध लाइसेंस के पटाखों की बिक्री करते हुए पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रशासनिक चूक पर सवाल
लगभग 150 आवेदनों के लंबित होने के बावजूद, सैकड़ों दुकानों पर पटाखों की बिक्री की तैयारी और कारोबार का शुरू हो जाना प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। फैक्ट्री ब्लास्ट की घटना के बाद दुकानों का बंद होना यह भी दर्शाता है कि सुरक्षा नियमों को लेकर सख्ती हादसे से पहले क्यों नहीं बरती गई?
- घटनास्थल: नागौर शहर
- मुख्य मुद्दा: बिना लाइसेंस पटाखों की बिक्री
- प्रशासनिक कार्रवाई: अस्थाई दुकानें बंद, लाइसेंस प्रक्रिया जारी
- चेतावनी: बिना लाइसेंस बिक्री पर कार्रवाई होगी
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नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।