
Rajasthan Govt. Guideline: Green Crackers Only on Nov 7-8, Specific Times Allowed
Posted on 6 नवंबर 2026
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हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, राज्य सरकार ने दीपावली पर पटाखों के उपयोग को लेकर एक नई और स्पष्ट गाइडलाइन जारी की है। यह नया आदेश विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से जारी किया गया है। इस बार, पटाखों का उपयोग केवल विशिष्ट समय-सीमा और नियमों के तहत ही अनुमत होगा।
ग्रीन पटाखों की अनुमति और समय-सीमा
जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, 7 और 8 नवंबर को ही ग्रीन पटाखों को जलाने की अनुमति होगी। यह अनुमति भी केवल दो विशिष्ट अवधियों के लिए ही मान्य रहेगी: सुबह 6:00 बजे से 7:00 बजे तक और रात 8:00 बजे से 10:00 बजे तक। इन निर्धारित समयों के अलावा, अन्य किसी भी दिन या समय पर पटाखे चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। 6 नवंबर तक पटाखे चलाने की अनुमति नहीं है, और 9 नवंबर से पुनः प्रतिबंध लागू हो जाएगा।
किन पटाखों की है अनुमति?
यह महत्वपूर्ण है कि केवल CSIR-NEERI द्वारा प्रमाणित ग्रीन पटाखों का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। पारंपरिक पटाखों, विशेष रूप से बेरियम युक्त पटाखों पर सख्त रोक लगाई गई है। इसके अतिरिक्त, पटाखों की लड़ियों और गुच्छों को बनाने, बेचने या इस्तेमाल करने की भी अनुमति नहीं है। ग्रीन पटाखों के पैकेट सीलबंद होने चाहिए और उन पर उत्पाद और बैच की पहचान के लिए एक विशेष QR कोड अनिवार्य रूप से अंकित होना चाहिए।
नो-क्रैकर जोन का विस्तार
पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों और सभी शिक्षण संस्थानों के 300 मीटर के दायरे को 'नो-क्रैकर जोन' घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी।
ऑनलाइन बिक्री पर भी रोक
प्रशासन द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि ग्रीन पटाखों की बिक्री केवल उन्हीं स्थानों पर की जा सकेगी जो सरकार द्वारा निर्धारित किए गए हैं। ऑनलाइन माध्यम से पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन और पुलिस की टीमें बाजारों में बिक्री की कड़ी निगरानी करेंगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
यह कदम वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और दीपावली के उत्सव को सुरक्षित व पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे इन नियमों का पालन करें और प्रदूषण को कम करने में अपना सहयोग दें।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


