
नागौर मंडी में जीरा 26,700 रु. क्विंटल, 5 से 10 नवंबर तक अवकाश
Posted on 4 नवंबर 2026
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Kisan Salah: जीरे और इसबगोल के भाव अभी ऊंचे चल रहे हैं। अगर आपके पास अच्छा माल है तो बेचने पर विचार कर सकते हैं, लेकिन मंडियों में अवकाश को देखते हुए अपनी उपज लाने की योजना सावधानी से बनाएं।
नागौर मंडी में जिंसों के भाव में उतार-चढ़ाव
बुधवार को नागौर कृषि उपज मंडी में कृषि जिंसों के भावों में उठापटक जारी रही। जीरे ने 26,700 रुपये प्रति क्विंटल के उच्चतम स्तर को छुआ, जबकि इसबगोल 19,500 रुपये और सौंफ 16,000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका।
विभिन्न जिंसों की मंडि दरें
मंडी समिति द्वारा जारी भाव सूची के अनुसार, विराट चमकी मूंग का अधिकतम भाव 8,700 रुपये और सामान्य मूंग का 8,400 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। ग्वार 7,000 से 7,700 रुपये, चना 6,400 से 6,792 रुपये और ज्वार 5,000 से 6,275 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर कारोबार हुआ।
इसबगोल और ग्वार के भाव में नरमी
मंगलवार की तुलना में बुधवार को इसबगोल के मध्यम भाव में 500 रुपये की गिरावट देखी गई, जो 16,500 रुपये पर आ गया। हालांकि, अच्छी गुणवत्ता वाले इसबगोल ने 19,500 रुपये का उच्चतम स्तर बनाए रखा। ग्वार के मध्यम भाव में भी गिरावट आई, जो 7,400 रुपये रहा, जबकि अधिकतम भाव 7,700 रुपये दर्ज किया गया।
चने और मूंग में भी रही नरमी
चने के भाव में भी नरमी का रुख रहा, जिसका मध्यम भाव 6,550 रुपये और अधिकतम भाव 6,792 रुपये रहा। मूंग के भाव में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। विराट चमकी मूंग का मध्यम भाव 8,550 रुपये और अधिकतम भाव 8,700 रुपये रहा, जबकि सामान्य मूंग का मध्यम भाव 8,000 रुपये और अधिकतम 8,400 रुपये रहा।
सरसों में मामूली तेजी, तिल के भाव
सरसों (रायड़ा) के भाव में मामूली बढ़त देखी गई, जिसका अधिकतम भाव 8,600 रुपये प्रति क्विंटल रहा। तारामीरा का अधिकतम भाव 7,300 रुपये पर स्थिर रहा। काले तिल 12,000 से 14,500 रुपये और सफेद तिल 13,000 से 15,500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिके। कपास 9,000 से 9,700 रुपये और मोठ का अधिकतम भाव 8,000 रुपये दर्ज किया गया। असालिया 7,300 रुपये, दाणा मेथी 7,500 रुपये और सिंधी सुवा 9,500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका।
5 से 10 नवंबर तक मंडी में अवकाश
दीपावली के पर्व को ध्यान में रखते हुए, नागौर कृषि उपज मंडी में 5 नवंबर से 10 नवंबर तक अवकाश रहेगा। इस दौरान किसी भी कृषि जिंस की नीलामी नहीं की जाएगी। मंडी समिति ने किसानों से अनुरोध किया है कि वे इस अवधि में अपनी उपज मंडी परिसर में न लाएं। 11 नवंबर, बुधवार से मंडी में नियमित रूप से नीलामी का कार्य शुरू हो जाएगा।
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Written & Verified By
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।


